राष्ट्रीय लाईब्रेरी का दर्जा दिलाने कार्रवाई

विभागीय काम-काज की समीक्षा रायपुर-महासमुंद मार्ग में प्रस्तावित बहुआयामी सांस्कृतिक संस्थान के लिए नये सिरे से ड्राइंग-डिजाइन बनवाने के निर्देश दिए और बताया कि इस संस्थान के लिए दस एकड़ जमीन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से मिल चुकी है, छत्तीसगढ़ से संबंधित ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के सभी अभिलेखों की डिजिटल कापी मध्यप्रदेश से अनिवार्य रूप से छत्तीसगढ़ लाने के निर्देश भी दिए। राजधानी रायपुर स्थित शहीद स्मारक भवन के संचालन के लिए समिति बनाने संस्कृति विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। शहीद स्मारक भवन में स्थित राज्य स्तरीय लाईब्ररी को राष्ट्रीय लाईब्रेरी का दर्जा दिलाने कार्रवाई की जाए,

विश्व पर्यटन दिवस पर हाट एयर बेलूनिंग

छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा विश्व पर्यटन दिवस 25 सितम्बर के अवसर पर राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। गुरू तेगबहादुर हॉल में 25 सितम्बर को शाम सात बजे इसका शुभारंभ होगा। पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल 27 सितम्बर को कार्यक्रम का समापन करेंगे। कार्यक्रम में 25 सितम्बर को श्रीमती शांति बाई चेलक द्वारा पंडवानी, लक्की मोहंती और पूर्णाश्री राउत द्वारा ओडिसी नृत्य तथा खैरागढ़ कत्थक ग्रुप द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। 26 सितम्बर को सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक पेन्टिंग एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की गयी है। इसके बाद श्री रामाधार साहू कचान्दूर द्वारा

छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विविध रंग

छत्तीसगढ़ देश का एक ऐसा राज्य है, जहां पर्यटन के विविध रंग देखने को मिलते हैं। यहां के प्राकृतिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक महत्व के पर्यटन स्थल, पर्यटकों को स्वाभाविक रूप से अपनी ओर आकर्षित करते हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल द्वारा विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पर्यटन का विकास एक सतत प्रक्रिया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर विगत लगभग आठ वर्षो में 150 करोड़ रूपए की धनराशि खर्च की है। इस राशि से राज्य में प्राकृतिक सौन्दर्य तथा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण

जलेश्वर में पर्यटन विकास

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा केन्द्रीय परियोजना बैगा पर्यटन परिपथ के अन्तर्गत बिलासपुर जिले के जलेश्वर में पर्यटन विकास के लिए दस लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा स्वीकृत कार्यों के लिए वनमंडलाधिकारी मरवाही को एजेंसी बनाया गया है। जलेश्वर धाम क्षेत्र की साफ-सफाई के लिए एक लाख रूपए, भूमि समतलीकरण के लिए पचास हजार रूपए, चिल्ड्रन पार्क के लिए छह लाख 50 हजार रूपए तथा लैंड स्केपिंग के लिए दो लाख रूपए मंजूर किए गए है।

बाल भविष्य सुरक्षा योजना

मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने प्रदेश के नक्सल पीड़ित आदिवासी बहुल जिलों के ग्रामीण परिवेश के ऐसे बच्चों की पढ़ाई से संबंधित समस्याओं को ध्यान में रखकर उन्हें शिक्षा की अच्छी सुविधा देने के लिए बाल भविष्य सुरक्षा योजना की शुरूआत की है। इस योजना के चार घटक हैं, जिनमें आस्था, निष्ठा, सहयोग और प्रयास शामिल हैं। योजना के आस्था घटक के तहत ऐसे पीड़ित परिवारों के बच्चों को कक्षा पहली से बारहवीं तक गुरूकुल पध्दति से शिक्षा देने के लिए दंतेवाड़ा में आवासीय विद्यालय संचालित किया जा रहा है। निष्ठा घटक के तहत ऐसे गांवों के बच्चों की शिक्षा के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ समाज सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लि

टाइम्स ट्रैवल ऑनर्स नाम के पुरस्कार शुरु

‘वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म’ रिपोर्ट 2010 के अनुसार, ‘भारतीय ट्रैवल का स्थान विश्व में 14वां है। इस रिपोर्ट में 180 देशों के ‘ट्रैवल एंड टूरिज्म’ इंडस्ट्री का मूल्यांकन किया गया था। टाइम्स समूह’ पर्यटन उद्योग में बेहतर काम करने वालों को सम्मानित करने के लिए टाइम्स ट्रैवल ऑनर्स नाम के पुरस्कार शुरु करने की घोषणा की है। इन पुरस्कारों में संपूर्ण ट्रैवल और हॉस्पिटलिटी क्षेत्र को शामिल किया जायेगा इसमें, एयरलाइन, रेलवे, वाटर ट्रांसपोर्ट, रोड पैसेंजर ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म बोर्ड, फ्लीट टैक्सी सर्विसेज, टिकेटिंग फर्म्स, ट्रैवल ऑपरेटर्स और बैक सेवाओं को भी शामिल किया गया है। ‘टाइम्स समूह’ ने उद्योग

लॉस वेगस कलयुगी स्वर्ग -श्रीमती रमा देवी शर्मा

लॉस वेगस शहर एक माया नगरी है । यह विश्व का अछूता एवं निराला शहर है । स्पेनिश भाषा में लॉस बेगास का अर्थ चारागाह होता है । इसे यूरोप के विशेषकर इटली के माफिया और गलत तत्वों ने बसाया है। यह नेवादा प्रांत में स्थित है । अत: यहां जुआ खेलना जुर्म नहीं माना जाता । शहर यद्यपि मरू भूमि पर बसा हुआ है परंतु यहां की हरियाली दर्शनीय है। अमेरिका के तृतीय यात्रा के दौरान हमने लॉस वेगस में दो दिन रूककर वहां का कलयुगी स्वर्ग को देखने का आनंद प्राप्त किया । सेनफ्रांसिसको से विमान द्वारा मैं और बेटी सुषमा एवं भाभी निर्मला एवं उनकी बेटी आभा, हम चार लोग लॉस वेगस गये थे । एक बड़े से होटल में दो कमरे लेकर हम मां

छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की कर्मभूमि

छत्तीसगढ़ की संस्कृति सम्पूर्ण भारत में अपना बहुत ही ख़ास महत्त्व रखती है। भारत के हृदय-स्थल पर स्थित छत्तीसगढ़, जो भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रही है, प्राचीन कला, सभ्यता, संस्कृति, इतिहास और पुरातत्त्व की दृष्टि से अत्यंत संपन्न है। यहाँ ऐसे भी प्रमाण मिले हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि अयोध्या के राजा श्रीराम की माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की ही थी। बस्तर का 'दशहरा', रायगढ़ का 'गणेशोत्सव' तथा बिलासपुर का 'राउत मढ़ई' ऐसे ही उत्सव हैं, जिनकी अपनी एक बहुत-ही विशिष्ट पहचान है'छत्तीसगढ़ की संस्कृति' के अंतर्गत अंचल के प्रसिद्ध उत्सव, नृत्य, संगीत, मेला-मड़ई तथा लोक शिल्प आदि शामिल हैं।यहाँ की पारंप

छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम की कर्मभूमि

छत्तीसगढ़ की संस्कृति सम्पूर्ण भारत में अपना बहुत ही ख़ास महत्त्व रखती है। भारत के हृदय-स्थल पर स्थित छत्तीसगढ़, जो भगवान श्रीराम की कर्मभूमि रही है, प्राचीन कला, सभ्यता, संस्कृति, इतिहास और पुरातत्त्व की दृष्टि से अत्यंत संपन्न है। यहाँ ऐसे भी प्रमाण मिले हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि अयोध्या के राजा श्रीराम की माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की ही थी। बस्तर का 'दशहरा', रायगढ़ का 'गणेशोत्सव' तथा बिलासपुर का 'राउत मढ़ई' ऐसे ही उत्सव हैं, जिनकी अपनी एक बहुत-ही विशिष्ट पहचान है'छत्तीसगढ़ की संस्कृति' के अंतर्गत अंचल के प्रसिद्ध उत्सव, नृत्य, संगीत, मेला-मड़ई तथा लोक शिल्प आदि शामिल हैं।यहाँ की पारंप

शिवरीनारायण खरौद में एक शिवलिंग इसमें पाताल का रास्ता

छत्तीसगढ़ में अद्भुत मंदिर है, इस मंदिर में एक शिवलिंग है जिसमें एक लाख छिद्र हैं| इसमें से एक छिद्र से पाताल का रास्ता है| लेकिन यह सच है|रायपुर से 120 किमी दूर और शिवरीनारायण से 3 किमी दूरी पर खरौद नगर है। प्राचीन छत्तीसगढ़ के पांच ललित केन्द्रों में से एक है। खरौद नगर को छत्तीसगढ़ की कशी के नाम से जाना जाता है|इस मंदिर की सबसे रोचक बात है कि इस शिवलिंग को लक्षलिंग भी कहा जाता है| बताते हैं कि इन एक लाख छिद्रों में एक ऐसा छिद्र है जिसका रास्ता पाताल को जाता है| इसकी विशेषता यह है कि इस छिद्र में कितना भी पानी डाला जाए वह सब समां जाता है|

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