महाशिवरात्रि पर शाही स्नान

छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम के त्रिवेणी संगम पर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर साधु-संतों ने शाही स्नान किया। विभिन्न सम्प्रदायों, आश्रमों, अखाडों और शक्तिपीठों के साधु-संतों की नवापारा और राजिम में भव्य शोभा यात्रा निकली। पांच नागा साधु घोड़ों पर सवार होकर शोभा यात्रा के आगे-आगे चल रहे थे। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू साधु-संतों के साथ शोभा यात्रा में शामिल हुए और संगम पर बने शाही कुंड में महाशिवरात्रि पर पुण्य स्नान किया।

राजिम कुंभ ईश्वर की कृपा और संतों के आशीर्वाद

संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल

संत समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ नया राज्य है, लेकिन संत महात्माओं के आशीर्वाद से मात्र 12 वर्षो में ही इस राज्य ने देश के सबसे तेज विकसित हो रहे राज्य के रूप में अपनी पहचान बनायी है। डॉ.

पर्यटन विकास के प्रयासों की प्रशंसा

केन्द्रीय पर्यटन मंत्री और दक्षिण भारत के सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेता श्री के.चिरंजीवी ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की है। उन्होंने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटन मेले में छत्तीसगढ़ सरकार के पर्यटन मंडल की भागीदारी की भी तारीफ की है। केन्द्रीय मंत्री श्री चिरंजीवी से कल बर्लिन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार राय और पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव श्री के.डी.पी.

संस्कृति और सभ्यता को देख धर्मगुरू श्री दलाई लामा भाव-विभोर

पुरानगरी सिरपुर में नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित तिब्बती धर्मगुरू श्री दलाई लामा पहुंचे। यहा बौद्ध, जैन, वैष्णव एवं शैव धर्म की पुरातन वैभवशाली संस्कृति और सभ्यता को एक साथ देख वे भाव-विभोर हो गए। उन्होंने कहा कि यहाँ खुदाई में प्राप्त पुरासंपदा से दक्षिण कौशल की वैभवशाली इतिहास के संबंध में अद्भुत जानकारियाँ प्राप्त हो रही हैं।

नारायणपुर गोंडी संस्कृति का केन्द्र

नारायणपुर क्षेत्र से आए ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से नारायणपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मोटल बनवाने का आग्रह किया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि नारायणपुर गोंडी संस्कृति का केन्द्र है। यह अबूझमाड़ का प्रवेश द्वारा है। यह बस्तर की परम्परागत लोक कला और हस्तशिल्प का भी एक महत्वपूर्ण केन्द्र है। टेराकोटा, लकड़ी, बांस शिल्प जैसी कलाकृतियों का निर्माण स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जाता है।

नर्मदा महोत्सव

राजनांदगांव जिले के पवित्र धार्मिक स्थल नर्मदा में तीन दिवसीय नर्मदा महोत्सव का दीप प्रावलन एवं मा सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर शुभारंभ किया। नर्मदा महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए धार्मिक स्थल ,तीज-त्यौहार ,मेला-उत्सव हमारी धरोहर है। इनको संरक्षित एवं विस्तारित किया जाना चाहिए। नर्मदा महोत्सव का यह दूसरा साल है। आने वाले सालों में यह महोत्सव और भव्य रूप लेगा। नर्मदा मैय्या का नमन करते हुए पवित्र नर्मदा कुण्ड के सौदर्यीकरण के लिए 5 लाख रूपए दिए जाने की घोषणा की। नर्मदा महोत्सव जनता का उत्सव है। नर्मदा का प्राचीन मंदिर ,चोडरा धाम, गंडई स्थित देऊरभाठ का मंदिर,मंडिप खोल गुफा का ऐतिहासिक एव

कबीर संतसमागम मेला दामाखेडा

कबीर पंथियों के प्रमुख आस्था केन्द्र बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम दामाखेडा में आयोजित होने वाला संतसमागम मेला लगभग एक सौ नौ वर्ष पुराना है। मेला का आयोजन यहां 1903 से लगातार यहां हो रहा है। इस मेले की शुरूआत उग्रनाम साहिब ने की थी। यहां कबीर धाम की स्थापना 1904 में हुई। इस मेले में देश-विदेश श्रध्दालु आकर कबीर के आदर्शों को ग्रहण करने के साथ ही पवित्र स्थलों का दर्शन करते हैं। यहा समाधि मंदिर भी है, जिसमें कबीर पंथ के संतों की समाधि है। जिसका देश विदेश के लाखों लोग यहां आकर दर्शन करते हैं। यहां देश के उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान मध्यप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र सहित 15 राज्यों के और ने

राजिम के त्रिवेणी संगम पर राजिम कुंभ

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रसिद्ध तीर्थ नगरी राजिम के त्रिवेणी संगम पैरी, महानदी और सोंढूर नदी के संगम पर पहुँचकर राजिम कुंभ मेले की तैयारियों का जायजा लिया,श्री अग्रवाल ने संगम पर स्थित कुलेश्वर महादेव मंदिर के सामने मेला स्थल, राजिम से चैबेबांधा होते हुए बेलाहीघाट पुल और नेहरूघाट तक की सड़कों की स्थिति, लोमस ऋषि आश्रम के पास संत आश्रम,मेला स्थल पर सुरक्षा, पेयजल, विद्युत, सड़क, यातायात, पार्किंग, साफ-सफाई व्यवस्था के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। त्रिवेणी संगम के स्थल के

सिरपुर में मिली सिंधु घाटी सभ्यता

सिरपुर के प्रसिध्द लक्ष्मण मंदिर, खुदाई में निकले शिव मंदिर, बौध्द प्रतिमाओं और जैन प्रतिमाओं को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है ।सिरपुर में मिली सिंधु घाटी सभ्यता की सील, दिल्ली सल्तनत और मुगलकालीन सिक्को तथा खुदाई में मिली एलियन जैसी आकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। पवित्र महानदी के तट पर बसा सिरपुर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत की अनमोल धरा है। प्राचीन काल में यह सिरपुरा के नाम से जाना जाता था। सिरपुर में जब पुरातत्व विभाग ने खुदाई प्रारंभ की गयी तो पुरा संपदा का एक अद्भुत खजाना सामने आ गया। राजा के महल से लेकर शिव मंदिरों की कभी न खत्म होने वाली श्रृंखला, बौद्

गौरवशाली परंपरा का सराहनीय प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में आयोजित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के शुभारंभ समारोह में न्होंने कहा कि गायत्री परिवार द्वारा देवसंस्कृति विश्वविद्यालय की छत्तीसगढ़ में स्थापना के माध्यम से तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को पुनर्जीवित करने का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है। गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ.

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