महाशिवरात्रि पर शाही स्नान

छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम के त्रिवेणी संगम पर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर साधु-संतों ने शाही स्नान किया। विभिन्न सम्प्रदायों, आश्रमों, अखाडों और शक्तिपीठों के साधु-संतों की नवापारा और राजिम में भव्य शोभा यात्रा निकली। पांच नागा साधु घोड़ों पर सवार होकर शोभा यात्रा के आगे-आगे चल रहे थे। धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल तथा कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू साधु-संतों के साथ शोभा यात्रा में शामिल हुए और संगम पर बने शाही कुंड में महाशिवरात्रि पर पुण्य स्नान किया।
साधु-संतों की शोभा यात्रा लोमश ऋषि आश्रम के पास बने संत समागम स्थल से रवाना हुई। देश के विभिन्न स्थानों से आए साधु-संत अपने-अपने अखाड़ों, आश्रमों, सम्प्रदायों तथा शक्तिपीठों के परम्परागत शस्त्रों, ध्वजों और पताकों के साथ शोभा यात्रा में शामिल हुए। शोभा यात्रा के लिए निर्धारित मार्गों में श्रध्दालुजनों द्वारा साधु-संतों का भव्य स्वागत किया गया। नागा साधूओं के साथ अन्य साधु-संतों ने शोभा यात्रा के मार्ग में जगह-जगह शस्त्रों से साथ करतब दिखाए। शाही शोभा यात्रा त्रिवेणी संगम पर स्थित लोमश ऋषि आश्रम से नेहरू घाट, महानदी पुल, पं. सुंदरलाल शर्मा चौक राजिम तथा राजिम शहर से होकर नदी के रास्ते शाही कुंड तक पहुंची।
महाशिवरात्रि पर हजारों श्रध्दालुओं ने महानदी, पैरी और सोंढूर नदी के त्रिवेणी संगम पर डुबकी लगायी। संगम पर पुण्य स्नान के लिए प्रात: चार बजे से ही श्रध्दालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कुलेश्वर महादेव मंदिर, राजीव लोचन मंदिर के में दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। महाशिवरात्रि पर्व के कारण मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था। प्रात: तीन बजे से ही मंदिरों के द्वार दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए गए थे। संगम स्नान के बाद श्रध्दालुगण मंदिरों में पहुंचने लगे। महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान श्री राजीव लोचन का विशेष श्रृंगार कर पूजा-अर्चना की गई। राजीव लोचन मंदिर में दर्शनार्थियों को भगवान श्री राजीव लोचन को लगाए गए भोग का प्रसाद वितरित किया गया।