बस्तर

छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का विकास

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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा है कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को और विकसित किया जाएगा, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की।छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इसे बढ़ावा देने हर संभव प्रयास किया जाएगा। पर्यटन के क्षेत्र में नये कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और पर्यटकों को आकर्षित करने के भी उपाय किए जाएंगे।

नारायणपुर गोंडी संस्कृति का केन्द्र

नारायणपुर क्षेत्र से आए ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से नारायणपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मोटल बनवाने का आग्रह किया। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि नारायणपुर गोंडी संस्कृति का केन्द्र है। यह अबूझमाड़ का प्रवेश द्वारा है। यह बस्तर की परम्परागत लोक कला और हस्तशिल्प का भी एक महत्वपूर्ण केन्द्र है। टेराकोटा, लकड़ी, बांस शिल्प जैसी कलाकृतियों का निर्माण स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जाता है।

आदिवासियों का आमा तिहार

दक्षिण बस्तर में आदिवासियों का आमा तिहार चल रहा है।त्योहारों के दिनों में बस्तर के ग्रामीण आदिवासी जगह-जगह लकड़ी -बास से बेरियर लगाते है और उस रास्ते से आने-जाने वाले वाहनों से ५-१० रुपए वसूलते हैं। बेरियर के पास कुछ महिलाएं गाना गाती हैं तो कुछ नृत्य कर रही होती हैं। वसूले गए पैसों से ग्रामीण रात में पार्टी मनाते हैं। ऐसा उत्सव पूरे क्षेत्र में मनाया जा रहा है।
ग्रामीण इस तिहार को धूमधाम से मना रहे है। जगह-जगह बेरियर लगा आवाजाही कर रहे वाहनों से नेग वसूल रहे हैं। और अपनी संस्कृति की झलक नृत्य के माध्यम से दिखा रहे हैं।

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